सरकारी अस्पतालों का 'डेथ ट्रैप': डेंटिस्ट की एक कटोरी और मुफ्त में बंटता मौत का संक्रमण!
क्या आप दांत के दर्द से राहत पाने के लिए सरकारी अस्पताल जाने की सोच रहे हैं? अगर हाँ, तो थोड़ा ठहरिए! वहाँ राहत मिले न मिले, लेकिन एक ऐसी जानलेवा बीमारी मुफ्त में मिल सकती है जिसका इलाज जिंदगी भर नहीं होता। आज हम दंत चिकित्सा (Dentistry) के उस कड़वे और डरावने सच का पर्दाफाश करने जा रहे हैं, जिसे अमूमन सरकारी अस्पतालों में 'भीड़' और 'रिफॉर्म' के नाम पर दबा दिया जाता है। यह सच है— 'कटोरी वाले शॉर्टकट' का खूनी खेल! आँखों देखी सच्चाई: एक ही कटोरी, एक ही घोल और सैकड़ों मरीज सरकारी अस्पतालों के डेंटल ओपीडी (OPD) के बाहर मरीजों की लंबी कतारें होती हैं। लेकिन अंदर का नजारा और भी खौफनाक होता है। डॉक्टर या उनके असिस्टेंट के पास स्टील की एक कटोरी होती है, जिसमें कोई एंटीसेप्टिक लिक्विड (जैसे डेटॉल या सैवलॉन) भरा होता है। पहला मरीज आता है: उसके मुंह में औजार डालकर जांच की जाती है, खून और लार से सने उस औजार को उसी कटोरी के घोल में डुबोया जाता है। दूसरा मरीज तुरंत बैठता है: असिस्टेंट उसी कटोरी से गीला औजार निकालता है, हल्के से पोंछता है और दूसरे मरीज के मुंह मे...